


भागलपुर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि और नदी की धारा में बदलाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नदी में बड़ी मात्रा में सिल्ट (गाद) जमा होने और तेज धारा के कारण कई जगह कटाव की स्थिति बनी हुई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर संवेदनशील और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

कटाव को नियंत्रित करने और महत्वपूर्ण संरचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य में जुटी हैं। संभावित रूप से प्रभावित इलाकों के लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
महादेवपुर बांध पर विशेष नजर
गंगा की तेज धारा और लगातार हो रहे कटाव के कारण महादेवपुर बांध के आसपास की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। बांध की सुरक्षा के लिए काफी हद तक सुरक्षात्मक कार्य किए जा चुके हैं और इसके बड़े हिस्से को सुरक्षित किया गया है। हालांकि, नदी की तेज धारा के कारण बांध के समीप कटाव और स्कॉरिंग की समस्या अभी भी बनी हुई है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, कटाव की वजह से क्षेत्र में पहले से बनी कुछ संरचनाएं प्रभावित हुई हैं और एक मंदिर भी कटाव की चपेट में आ गया है। स्थिति को देखते हुए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए कम्युनिटी किचन
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत और भोजन की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। मंगलवार रात मध्य विद्यालय शंकरपुर, नाथनगर में भी कम्युनिटी किचन शुरू किया जाएगा, जहां बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला प्रशासन की ओर से पहले से ही चार स्थानों पर कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। यहां प्रभावित लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत शिविर और कम्युनिटी किचन शुरू किए जाएंगे।
प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर की भी व्यवस्था की जा रही है। गणेश बासा/साहू ईंट भट्ठा (जानवी चौक) में राहत शिविर की तैयारी की जा रही है। शिविर में भोजन के साथ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि संभावित खतरे की स्थिति में किसी तरह की लापरवाही न बरतें और समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। लोगों से जान-माल, जरूरी घरेलू सामान और मवेशियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
















