


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बिहार जनसंघर्ष समिति की टीम ने शुक्रवार को भागलपुर के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी मुआयना किया। समिति ने मुआयने के बाद प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए और तत्काल राहत शिविर शुरू करने समेत अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग जिला प्रशासन से की।
समिति के अनुसार, टीम ने विश्वविद्यालय बाल निकेतन स्कूल, टिल्लाह कोठी, साहेबगंज, लालूचक, श्रीरामपुर, बैरिया, गोसाईदासपुर, मथुरापुर, रशदपुर और शंकरपुर सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। टीम में समिति के संयोजक गौतम कुमार, सह-संयोजक निर्मल कुमार, कोषाध्यक्ष सुभाष कुमार प्रसाद, संरक्षक उज्ज्वल घोष और डॉ. जयंत जलद शामिल थे।
समिति ने दावा किया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद कई प्रभावित इलाकों में राहत व्यवस्था पर्याप्त नजर नहीं आ रही है। समिति के मुताबिक, कुछ स्थानों पर बाढ़ प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। समिति ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत शिविर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव के लिए नियमित छिड़काव की व्यवस्था की मांग की।
समिति के संयोजक गौतम कुमार ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत राशि संकट की अवधि में ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता का उद्देश्य केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के कारण कई विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है।समिति के सह-संयोजक निर्मल कुमार ने दियारा क्षेत्र के जलमग्न गांवों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ पर्याप्त संख्या में सरकारी नाव उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि लोगों की आवाजाही और आपात स्थिति में बचाव कार्य में परेशानी न हो।
समिति के संरक्षक उज्ज्वल घोष ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से पशुओं के लिए चारा, भूसा, पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा नियमित पशु चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की। डॉ. जयंत जलद ने बाढ़ के बाद जलजनित एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप, आवश्यक दवाइयां, स्वच्छ पेयजल और मच्छररोधी छिड़काव की व्यवस्था करने की मांग की।
बिहार जनसंघर्ष समिति ने सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से कुल 13 मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर शुरू करना, भोजन और पेयजल की व्यवस्था करना तथा बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत राशि समय पर उपलब्ध कराना शामिल है। समिति ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था के साथ मच्छररोधी एवं कीटनाशक छिड़काव कराने की मांग की है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल टीम और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।

















