


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ, जल संसाधन विभाग, पटना की ओर से 5 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर और कहलगांव में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में बढ़ा है। इससे गंगा किनारे के इलाकों में बाढ़ की स्थिति को लेकर निगरानी बढ़ गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक भागलपुर स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 34.17 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के 33.88 मीटर के मुकाबले 0.29 मीटर यानी 29 सेंटीमीटर अधिक है। यहां जलस्तर निर्धारित खतरे के निशान से 0.49 मीटर ऊपर पहुंच गया है। भागलपुर में गंगा का खतरे का स्तर 33.68 मीटर निर्धारित है।
वहीं कहलगांव में गंगा का जलस्तर 32.31 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 0.22 मीटर यानी 22 सेंटीमीटर बढ़ा है। कहलगांव में जलस्तर खतरे के निशान 31.09 मीटर से 1.22 मीटर ऊपर है। यानी भागलपुर की तुलना में कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से अधिक ऊपर बह रही है।
सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर (लगभग 47 सेंटीमीटर से 1.5 मीटर ऊपर) बह रहा है। सुल्तानगंज में गंगा के लिए खतरे का निशान 34.50 मीटर है।नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है, जिससे लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
प्रसिद्ध अजगैबीनाथ गंगा घाट और नमामि गंगे घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। महेशी, तिलकपुर और अब्जूगंज जैसे निचले गांवों के घरों और रास्तों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जलस्तर बढ़ने से सुलतानगंज-अगुवानी गंगा ब्रिज के निर्माण स्थल और कार्यालय में पानी भर गया है, जिससे कार्य अस्थायी रूप से ठप है।
भागलपुर जिले के दोनों निगरानी केंद्रों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने से गंगा के तटीय इलाकों पर प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है। विशेष रूप से निचले इलाकों में पानी के फैलाव की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी हो गई है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बूढ़ी गंडक के खगड़िया, गंडक के हाजीपुर, गंगा के मुंगेर, कोसी के बलतारा और कुरसेला तथा पुनपुन के श्रीपालपुर में खतरे के निशान से ऊपर जलस्तर दर्ज किया गया है।

















