


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर के चिकित्सा जगत ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दर्ज की है। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीपी सिंह को एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) का निर्विरोध नेशनल वाइस प्रेसिडेंट चुना गया है। संगठन के राष्ट्रीय स्तर पर इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पाने वाले वे भागलपुर के पहले डॉक्टर बताए जा रहे हैं। उनकी नियुक्ति की खबर सामने आते ही स्थानीय चिकित्सा जगत में खुशी की लहर दौड़ गई।
यह नियुक्ति सिर्फ एक पद हासिल करने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि भागलपुर के चिकित्सकों की राष्ट्रीय संगठनात्मक भूमिका के विस्तार के तौर पर भी देखी जा रही है। बिहार के साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के चिकित्सकों व शुभचिंतकों ने डॉ. सिंह को बधाई दी है। डॉ. एके पांडेय, डॉ. एके सिन्हा और डॉ. एचएस शर्मा समेत कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनकी उपलब्धि की सराहना की।

स्थानीय पहचान से राष्ट्रीय नेतृत्व तक:
डॉ. डीपी सिंह का एपीआई से जुड़ाव नया नहीं है। वे एपीआई बिहार के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बिहार के अध्यक्ष और कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) बिहार के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने लंबे समय तक संगठन के साथ काम किया है। करीब 12 वर्षों से एपीआई की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में उनकी सक्रियता रही है। यही लंबा संगठनात्मक अनुभव अब उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका तक लेकर आया है।
‘नई ऊर्जा और दिशा देने की कोशिश होगी’:
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. सिंह की प्राथमिकताएं भी स्पष्ट हैं। उनका कहना है कि देशभर में एपीआई की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए संगठन में नई ऊर्जा और दिशा लाने पर जोर रहेगा। डॉक्टरों के बीच बेहतर तालमेल के साथ चिकित्सा शिक्षा, शोध और अकादमिक गतिविधियों को मजबूत करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
उनकी नियुक्ति को भागलपुर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राष्ट्रीय चिकित्सा संगठन के शीर्ष स्तर पर शहर की सीधी भागीदारी बढ़ेगी। इससे स्थानीय चिकित्सकों के मुद्दों और क्षेत्र की चिकित्सा जरूरतों को राष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसर भी मजबूत हो सकता है।
डॉ. सिंह की नई भूमिका को लेकर स्थानीय चिकित्सकों में उम्मीद है कि राष्ट्रीय संगठन में उनकी मौजूदगी से भागलपुर की चिकित्सा बिरादरी की पहचान और प्रभाव को नई ऊंचाई मिलेगी।

















