


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। घर से निकले थे बेटी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने… शायद माता-पिता के मन में यही उम्मीद रही होगी कि इलाज के बाद उनकी मासूम बच्ची फिर से मुस्कुराएगी। लेकिन भागलपुर के अकबरनगर रेलवे स्टेशन पर चंद पलों में ही पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया। जिस बच्ची के इलाज के लिए मां-बाप उसे लेकर भागलपुर जा रहे थे, उसी बच्ची की आंखों के सामने उसके माता-पिता की जिंदगी ट्रेन के पहियों के नीचे खत्म हो गई।
अकबरनगर स्टेशन पर रेलवे लाइन पार करने के दौरान सुबोध मंडल और उनकी पत्नी कौशल्या देवी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 5 वर्षीय बेटी राधिका कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गई।
बताया जा रहा है कि बांका के शंभूगंज थाना क्षेत्र के भित्ती खरहरिया निवासी सुबोध मंडल अपनी पत्नी कौशल्या देवी और बेटी राधिका को लेकर भागलपुर जा रहे थे। बच्ची का इलाज कराना था। परिवार अकबरनगर रेलवे स्टेशन पहुंचा।

दंपती प्लेटफॉर्म नंबर दो से प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इसी दौरान अप लाइन पर मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी को देखकर परिवार डाउन लाइन की ओर चला गया। लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसी पटरी पर मौत बनकर दूसरी ट्रेन आ रही है।कुछ ही क्षण बाद डाउन लाइन से आ रही श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। रेलवे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। ट्रैक पर पड़े माता-पिता के शव और घायल मासूम का दृश्य जिसने भी देखा, उसका कलेजा कांप उठा।
राधिका गंभीर रूप से घायल थी। हादसे में अपने मां-बाप को खो चुकी मासूम को तत्काल इलाज के लिए मायागंज अस्पताल भेजा गया, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। एक परिवार बेटी के बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर घर से निकला था। लेकिन रास्ते में ही बेटी के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। अब अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ रही मासूम शायद यह भी नहीं जानती कि जिस मां की उंगली पकड़कर वह घर से निकली थी और जिस पिता के सहारे उसे अस्पताल पहुंचना था, वे दोनों अब कभी लौटकर नहीं आएंगे।

















