


@ सजौर पुलिस के सहयोग से छापेमारी, शीशम-सागवान समेत आरा मिल की मशीनें, ट्रॉली और आरी ब्लेड जब्त
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले में अवैध आरा मिलों के खिलाफ वन विभाग ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार, 13 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने सजौर थाना पुलिस के सहयोग से भागलपुर वन प्रक्षेत्र के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान शाहकुंड प्रखंड के मलिकपुर में संचालित एक अवैध आरा मिल को निशाना बनाया गया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी, भागलपुर के निर्देश पर वनों के क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम के नेतृत्व में गठित टीम ने मलिकपुर स्थित अवैध आरा मिल पर कार्रवाई करते हुए मशीनों, ट्रॉली, आरी ब्लेड और अवैध रूप से काटकर रखी गई कीमती लकड़ियों को जब्त कर लिया। जब्त लकड़ियों में शीशम और सागवान जैसी बेशकीमती प्रजातियां शामिल हैं।
वन विभाग के अनुसार मलिकपुर में अवैध रूप से संचालित आरा मिल और इससे जुड़े दोषियों के खिलाफ बिहार काष्ठ चिरान अधिनियम एवं भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में बिना वैध अनुमति संचालित आरा मिलों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया में भी सख्ती
वन प्रमंडल भागलपुर के अंतर्गत भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया क्षेत्रों में संचालित अवैध आरा मिलों के मालिकों को विभाग की ओर से सख्त चेतावनी दी गई है। वन विभाग ने सभी अवैध आरा मिल संचालकों से यथाशीघ्र अपना संचालन बंद करने का आग्रह किया है।
विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अवैध आरा मिलों का संचालन जारी रहा तो उन्हें जल्द ही जब्त कर लिया जाएगा। अवैध आरा मिलों के खिलाफ अचानक हुई कार्रवाई से ऐसे कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग का कहना है कि अवैध रूप से लकड़ी के चिरान और कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कार्रवाई में वनों के क्षेत्र पदाधिकारी भागलपुर कुमार गौतम, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी कहलगांव कम्पनी कुमार, प्रशिक्षु वनों के क्षेत्र पदाधिकारी आशीष राज समेत वनकर्मी मौजूद रहे। टीम में बबलू कुमार, वनरक्षी आदित्य अभिनव, शुभम कुमार, अमरेश कुमार, आदित्य कुमार सिंह, मुकेश सहनी, रौशन कुमार, राकेश कुमार यादव, ब्यूटी विश्वास, सुबोध दास, शिवम कुमार, राजीव कुमार, प्रिया कुमारी, कल्पना कुमारी और केशर राज सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे।

















