


@ प्रतिमा अनावरण समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधीवादी कार्यकर्ता पीवी राजगोपाल, पंजाब हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता हरिओम जिंदल, बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा तथा प्रसिद्ध लेखक-संपादक शिवनारायण संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गांधी जयंती इस बार गांधी आश्रम शोभनपुर में एक ऐतिहासिक स्मृति के साथ मनाई जाएगी। वर्ष 1925 में गांधी जी के बांका आगमन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर तीन अक्टूबर को शोभनपुर गांधी आश्रम में क्षतिग्रस्त प्रतिमा के स्थान पर बापू की नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी। गांधी उत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आश्रम परिसर में संस्थापक डॉ. मनोज मीता की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई।
डॉ. मनोज मीता ने बताया कि गांधी वाङ्मय के अनुसार तीन अक्टूबर 1925 को गांधी जी ने बांका के कांग्रेस मैदान में सभा को संबोधित किया था। सभा की अध्यक्षता प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी मौलाना सफी साहब ने की थी। इसी ऐतिहासिक प्रसंग के 100 वर्ष पूरे होने के कारण इस वर्ष का गांधी उत्सव विशेष महत्व रखता है।

उन्होंने बताया कि शोभनपुर गांधी आश्रम में स्थापित की जाने वाली नई प्रतिमा प्रसिद्ध कलाकार एवं पद्म सम्मान से सम्मानित ब्रह्मदेव पंडित ने तैयार की है। प्रतिमा बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा द्वारा प्रदान की गई है।
तीन अक्टूबर को प्रतिमा अनावरण समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गांधीवादी कार्यकर्ता पी. वी. राजगोपाल, पंजाब हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता हरिओम जिंदल, बिहार संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा तथा प्रसिद्ध लेखक-संपादक शिवनारायण संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
आयोजकों के अनुसार समारोह को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसमें आसपास के ग्रामीणों के साथ विद्यालयों के बच्चे भी भाग लेंगे। बैठक में बांका के जिला पदाधिकारी को भी कार्यक्रम में आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। इसी दिन बल्लीकित्ता गांव में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
दो अक्टूबर को गांधी जयंती का पारंपरिक आयोजन होगा, जबकि चार अक्टूबर को गांधी उत्सव का समापन दिशा ग्रामीण विकास मंच, बैजानी में किया जाएगा। समापन समारोह में बापू टावर, पटना के निदेशक विनय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
बैठक में सुजीत यादव, प्रेमा कुमारी, सुधांशु भाई, अजय पांडे, विभाष, अशोक मिश्रा, धनंजय यादव, पूर्व मुखिया नारायण मांझी एवं त्रिभुवन ने भी अपने विचार रखे।
तीन अक्टूबर का आयोजन इस मायने में भी महत्वपूर्ण होगा कि गांधी जी के बांका आगमन की शताब्दी के अवसर पर उनकी स्मृति को नई प्रतिमा के माध्यम से आश्रम परिसर में फिर से स्थापित किया जाएगा।
















