


@ भूमि अधिग्रहण समेत प्रशासनिक व तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए विभागों में समन्वय पर जोर।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर एवं मुंगेर प्रमंडल में 100 करोड़ रुपये और इससे अधिक लागत वाली बड़ी योजनाओं की प्रगति को लेकर आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने शनिवार को समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में दोनों प्रमंडलों के जिलाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों और तकनीकी विभागों के अधीक्षण अभियंताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में प्रमुख आधारभूत संरचना, सड़क, सिंचाई, जलापूर्ति और ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं की योजनावार समीक्षा की गई। इनमें मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन के पैकेज-2, 3 और 4, भागलपुर-कहलगांव-मिर्जाचौकी परियोजना, सुलतानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ, धोरैया-इंग्लिश मोड़-असरगंज पथ परियोजना और भागलपुर जलापूर्ति योजना शामिल रहीं।
इसके अलावा भागलपुर 45 एमएलडी एसटीपी एवं आईएंडडी योजना, बटेश्वर स्थान गंगा पंप नहर योजना, पीरपैंती पावर प्लांट, भागलपुर-अमरपुर-बांका पथ (एसएच-25) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण तथा मुंगेर (साफियाबाद)-बरियारपुर-घोरघट-सुलतानगंज गंगा पथ परियोजना की भी प्रगति पर चर्चा हुई।

बैठक में गंगा नदी के अधिशेष जल को बांका जिले के बड्डुआ जलाशय और मुंगेर जिले के खड़गपुर जलाशय में स्थानांतरित करने की योजना की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में सामने आ रही भूमि अधिग्रहण सहित अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी बाधाओं का संबंधित विभागों और कार्यालयों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान कराया जाए।
उन्होंने लंबित कार्यों में तेजी लाने और सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया। साथ ही योजनाओं की नियमित रूप से योजनावार समीक्षा और अनुश्रवण करने का निर्देश दिया, ताकि बड़े प्रोजेक्टों की प्रगति में अनावश्यक देरी न हो।

















