


@ ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव से लेकर पानी शुद्ध करने की टैबलेट तक, मोबाइल मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने के साथ ही अब स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए कमर कस ली है। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य कर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं की टीमें लगातार गांवों का दौरा कर स्वच्छता अभियान चला रही हैं।
सबौर, पीरपैंती, गोपालपुर और कहलगांव समेत अन्य प्रभावित प्रखंडों में घरों के आसपास, गलियों, नालियों और जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। विभाग का फोकस उन स्थानों पर है, जहां बाढ़ का पानी उतरने के बाद गंदगी और दूषित पानी के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

दूषित पानी से बीमारियों का खतरा:
बाढ़ के बाद दूषित पानी और गंदगी के कारण डायरिया, हैजा, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों सहित विभिन्न जलजनित संक्रमणों की आशंका बनी रहती है। इसे देखते हुए प्रभावित गांवों में लोगों को साफ-सफाई और सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पानी शुद्ध करने के लिए बांटी जा रही Halogen टैबलेट:
बाढ़ प्रभावित परिवारों को पेयजल शुद्ध करने के लिए Halogen (NaDCC) टैबलेट भी उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता लोगों को टैबलेट के सही इस्तेमाल और निर्धारित मात्रा में पानी को शुद्ध करने की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। लोगों से केवल सुरक्षित और शुद्ध पानी का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है।
दुर्गम इलाकों तक पहुंच रहीं मोबाइल मेडिकल टीमें:
बाढ़ के कारण जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मुश्किल है, वहां मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय किया गया है। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर मरीजों की जांच और उपचार कर रही हैं। जरूरत के मुताबिक दवाएं दी जा रही हैं, जबकि गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।
लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से करें संपर्क:
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को दूषित पानी से बचने, पानी को शुद्ध करके पीने, भोजन को ढककर रखने और व्यक्तिगत तथा आसपास की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दे रही हैं। डायरिया, बुखार, उल्टी, दस्त, त्वचा संबंधी परेशानी या बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मोबाइल मेडिकल टीम से संपर्क करने को कहा गया है।

















