


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिला निरीक्षण समिति ने गुरुवार को जिले में संचालित बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने बाल गृह एवं बालिका गृह में बच्चों के रहन-सहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी, सिविल सर्जन, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने संस्थानों के कर्मियों को बच्चों के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संस्थानों में रहने वाले बच्चों की जरूरतों और भावनात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर जोर:
निरीक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई को ऐसे बच्चों की आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि उन्हें समय पर उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
सप्ताह में दो दिन प्रतिनियुक्त होंगे विशिष्ट शिक्षक:

बच्चों की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशिष्ट शिक्षकों को बाल देखरेख संस्थानों में कम से कम सप्ताह में दो दिन प्रतिनियुक्त किया जाए। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप नियमित शैक्षणिक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बाल देखरेख संस्थानों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, पोषण और समुचित देखभाल से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

















