


सोनपुर मंडल में पहली बार ई-नीलामी से पांच वर्षों के लिए आवंटन, रेलवे को हर वर्ष 1.02 लाख रुपये की आय
नवगछिया। पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल ने रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। मंडल में पहली बार ई-नीलामी के माध्यम से प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन (पीबीसीएम) लगाने का आवंटन किया गया है। इसके तहत नवगछिया, सोनपुर, हाजीपुर और बरौनी रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीनें स्थापित की जाएंगी।
23 सितंबर को मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित ई-नीलामी के माध्यम से इन स्टेशनों पर पांच वर्षों की अवधि के लिए मशीनें लगाने का आवंटन किया गया। इस व्यवस्था से रेलवे को प्रत्येक वर्ष 1,02,590 रुपये की आय होने की जानकारी दी गई है। रेलवे के अनुसार, सोनपुर मंडल में प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन लगाने के लिए यह पहली ई-नीलामी है।

प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में मिलेगी मदद
रेलवे के अनुसार, इन मशीनों के स्थापित होने के बाद यात्रियों द्वारा इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की पानी की बोतलों को स्टेशन परिसर में ही एकत्र करने और उन्हें उचित तरीके से निस्तारित करने में सुविधा होगी। यात्री उपयोग के बाद प्लास्टिक की बोतलों को मशीन में डाल सकेंगे। मशीन के माध्यम से बोतलों को छोटे टुकड़ों में परिवर्तित कर आगे पुनर्चक्रण के लिए भेजा जा सकेगा।

रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरा फैलने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, प्लास्टिक कचरे के व्यवस्थित संग्रह और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रेलवे परिसरों को अधिक स्वच्छ रखने में सहायता मिलेगी।
स्वच्छ रेलवे परिसर बनाने में यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि इस्तेमाल के बाद प्लास्टिक की बोतलों को स्टेशन परिसर में इधर-उधर न फेंकें। इसके बजाय निर्धारित प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन में डालें, ताकि प्लास्टिक कचरे का उचित प्रबंधन हो सके।
















