


नवगछिया पुलिस ने जारी किया नोटिस, पोस्ट के यूआरएल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी जांच
नवगछिया। सोशल मीडिया मंचों पर अपराध से जुड़ी भ्रामक, अपुष्ट और तथ्यहीन खबरें प्रकाशित या प्रसारित करने वालों के खिलाफ नवगछिया पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सोशल मीडिया सेल की ओर से 29 सितंबर को जारी नोटिस में डिजिटल मीडिया संचालकों, सोशल मीडिया प्रभावकों, संपादकों और अन्य संबंधित लोगों को किसी भी आपराधिक घटना से जुड़ी सूचना प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की हिदायत दी गई है।

पुलिस की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित होने वाली कई सामग्री पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक तथ्यों से अलग होती है। ऐसी भ्रामक या अपुष्ट सामग्री से आम लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था प्रभावित होने तथा किसी मामले में चल रही पुलिस जांच को लेकर लोगों के बीच गलत धारणा बनने की आशंका भी रहती है।
पोस्ट के यूआरएल के आधार पर होगी जांच
नवगछिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति या सोशल मीडिया मंच की ओर से भ्रामक अथवा अपुष्ट खबर प्रसारित की जाती है तो पुलिस संबंधित समाचार या पोस्ट के यूआरएल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले का संज्ञान लेकर जांच कर सकती है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यदि कोई सामग्री जानबूझकर भ्रामक, आपत्तिजनक या विधि-विरुद्ध पाई जाती है और उससे जनशांति, लोक-व्यवस्था अथवा विधिसम्मत पुलिस जांच प्रभावित होने की स्थिति सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत हो सकती है कार्रवाई
पुलिस ने बताया है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता, 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा परिस्थितियों के अनुसार अन्य लागू कानूनी प्रावधानों का सहारा लिया जा सकता है।
पुलिस ने सोशल मीडिया संचालकों और प्रभावकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना से जुड़ी खबर को प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करें। विशेष रूप से पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी, जांच और आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी में आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त तथ्यों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
पुलिस के अनुसार, नोटिस जारी करने का उद्देश्य सोशल मीडिया पर तथ्यपरक और जिम्मेदार सूचना का प्रसार सुनिश्चित करना है। साथ ही, अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं के कारण उत्पन्न होने वाली अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति को रोकना भी इसका उद्देश्य है।
नवगछिया पुलिस ने सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले लोगों से अपील की है कि किसी भी खबर को साझा या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और ऐसी सामग्री के प्रसार से बचें, जिससे आम लोगों में भ्रम पैदा हो या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो।
















