


इनसाइड स्टोरी
तत्कालीन एसपी सुशांत कुमार सरोज के निर्देश पर तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने 24 घंटे के भीतर पूर्णिया से पिता-पुत्र को किया था गिरफ्तार
नवगछिया। गोपालपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में 9 जनवरी 2024 को हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। एक परिवार के पति-पत्नी और उनकी डेढ़ वर्षीय मासूम बेटी की दिनदहाड़े हत्या ने लोगों को स्तब्ध कर दिया था। घटना के बाद गांव में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश का माहौल बन गया था।

वारदात के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और मामले का वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करना था। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन नवगछिया पुलिस अधीक्षक सुशांत कुमार सरोज स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मामले के अनुसंधान और आरोपितों की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी तत्कालीन गोपालपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार को सौंपी थी।
24 घंटे के भीतर पूर्णिया से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने घटना के बाद संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी शुरू की। तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपित पिता-पुत्र पप्पू सिंह और धीरज सिंह को पूर्णिया से गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मामले में आगे के अनुसंधान का रास्ता साफ हुआ। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों, गवाहों और घटना के अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों को संकलित कर न्यायालय के समक्ष मामले को मजबूती से रखने की दिशा में काम किया।

घटना ने पूरे क्षेत्र को कर दिया था स्तब्ध
9 जनवरी 2024 की शाम करीब चार बजे हुई इस घटना में नवटोलिया निवासी चंदन कुमार सिंह, उनकी पत्नी चांदनी कुमारी और उनकी डेढ़ वर्षीय बेटी रौशनी कुमारी की हत्या कर दी गई थी। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी।
सबसे अधिक मार्मिक दृश्य उस मासूम बच्ची की हत्या का था, जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाई थी। घटना के बाद मौके पर जुटे लोगों की आंखें नम थीं और पूरे इलाके में शोक का माहौल था।
प्रेम विवाह बना था विवाद की वजह
पुलिस अनुसंधान और मामले में सामने आए तथ्यों के अनुसार चांदनी कुमारी ने गांव के ही चंदन कुमार से प्रेम विवाह किया था। इसी विवाह को लेकर चांदनी के मायके पक्ष से विवाद की बात सामने आई थी। इसी विवाद के बाद पति-पत्नी और उनकी मासूम बेटी की हत्या कर दी गई।
घटना के बाद मृतक के भाई केदारनाथ सिंह के बयान पर गोपालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपित पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया और अनुसंधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
अब न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
करीब ढाई वर्ष से अधिक समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 29 सितंबर 2026 को नवगछिया व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय नीतू कुमारी की अदालत ने मामले में दोषसिद्ध पप्पू सिंह और उसके पुत्र धीरज सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोनों को आजीवन कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा मामले की अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा और अर्थदंड लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया गया है।
तीन साल बाद भी नहीं भूले परिजन
चंदन कुमार सिंह के पिता गणेश प्रसाद सिंह और उनकी मां के लिए यह घटना आज भी एक ऐसा जख्म है, जिसे भूल पाना आसान नहीं है। परिवार ने करीब तीन वर्षों तक न्याय की उम्मीद लगाए रखी। तीन लोगों की एक साथ हत्या, वह भी मासूम पोती की मौत, की याद आज भी परिजनों को विचलित कर देती है।
न्यायालय के फैसले के बाद परिवार को लंबे इंतजार के बाद न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली है। वहीं इस मामले में घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपितों को 24 घंटे के भीतर पूर्णिया से गिरफ्तार किया जाना भी उस समय चर्चा का विषय बना था।
एक घटना, जिसने कई सवाल छोड़े
नवटोलिया का यह तिहरा हत्याकांड केवल तीन लोगों की हत्या का मामला नहीं था, बल्कि इसने पारिवारिक विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकता है, इसका भी भयावह उदाहरण सामने रखा। घटना के बाद पुलिस की तत्काल सक्रियता, आरोपितों की गिरफ्तारी और लगातार चले अनुसंधान के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और अब दोषसिद्धि के साथ इस मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला सामने आया है।















