


विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के बीच जलमार्ग से बढ़े आवागमन को लेकर प्रशासन सतर्क, लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य
नवगछिया । विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के कारण सड़क मार्ग से आवागमन प्रभावित होने के बीच जलमार्ग से यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और फेरी सेवा के परिचालन की निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को नवगछिया अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (पीजीआरओ) सोनी कुमारी ने तीनटंगा करारी जहाज घाट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पीजीआरओ ने घाट पर फेरी सेवा और जहाजों के परिचालन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा नाव एवं जहाज संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर रोक
पीजीआरओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी नाव या जहाज में उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर परिचालन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की संख्या अधिक होने की स्थिति में भी संचालक क्षमता से अधिक लोगों को एक साथ नाव पर नहीं बैठाएं। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ही फेरी सेवा का संचालन किया जाना चाहिए।
उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया। यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने तथा आवश्यकता के अनुसार उसे पहनाकर ही सुरक्षित तरीके से नदी पार कराने का निर्देश दिया गया।
बढ़ते आवागमन को लेकर प्रशासन सतर्क
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के कारण जलमार्ग से आवागमन बढ़ा है। ऐसे में तीनटंगा करारी जहाज घाट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान पीजीआरओ ने फेरी सेवा से जुड़े कर्मियों से परिचालन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में सुरक्षा नियमों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

घाट पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की ली जानकारी
पीजीआरओ ने घाट पर यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि यात्रियों की सुविधा के लिए घाट पर बाथरूम, टेंट और पंखे की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
प्रशासन की ओर से घाट पर साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर भी निगरानी रखने की बात कही गई।
पीजीआरओ ने फेरी संचालकों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिचालन किया जाए। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि वे नाव या जहाज पर सवार होते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और लाइफ जैकेट का इस्तेमाल अवश्य करें।
















