
गरुड़ पुनर्वास केंद्र के जीर्णोद्धार के बाद हुआ उद्घाटन, कदवा खैरपुर में गरुड़ दिवस पर संरक्षण का लिया संकल्प
भागलपुर । वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। वन्यजीव सप्ताह 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को गरुड़ पुनर्वास केंद्र, भागलपुर के जीर्णोद्धार के बाद विधिवत उद्घाटन किया गया।
गरुड़ पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक डॉ. एस. कुमारासामी, सुनील अग्रवाल, अरविंद मिश्रा एवं जयनंदन मंडल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर ‘प्रकृति के प्रहरी’ श्रृंखला का विमोचन भी किया गया। इस श्रृंखला के माध्यम से प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण में जुटे लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को वन विभाग के सामाजिक माध्यमों के जरिए आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने गरुड़ पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद सुंदरवन, भागलपुर परिसर में कदम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
कदवा खैरपुर में मनाया गया गरुड़ दिवस
गरुड़ दिवस के अवसर पर कदवा खैरपुर, नवगछिया के ग्राम कचहरी परिसर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को गरुड़ संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा संरक्षण कार्यों में उनकी भागीदारी बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान गरुड़ संरक्षण के लिए काम कर रहे गरुड़ गार्जियन, गरुड़ सेविका, गरुड़ सेवियर तथा स्थानीय ग्रामीणों को अंगवस्त्र और गरुड़ के प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन वन प्रमंडल पदाधिकारी भागलपुर आशुतोष राज, बीएनएचएस की शासी परिषद के सदस्य अरविंद मिश्रा, शारदा पाठशाला कहलगांव के प्राध्यापक जयनंदन मंडल, सरपंच सिराज शाह, सरपंच सुबोध कुमार मिश्रा एवं पशु चिकित्सा पदाधिकारी भागलपुर डॉ. सुबोध कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
स्थानीय लोगों की भागीदारी पर दिया गया जोर

कार्यक्रम में अतिथियों ने गरुड़ के पारिस्थितिकी तंत्र में महत्व तथा उसके संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गरुड़ संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थानीय लोगों, गैर सरकारी संगठनों तथा वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
वन विभाग की ओर से गरुड़ संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। साथ ही स्थानीय लोगों से संरक्षण कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी लिए गए। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से गरुड़ संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिल सकती है।
कार्यक्रम में वन क्षेत्र पदाधिकारी भागलपुर कुमार गौतम, पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, वन परिसर पदाधिकारी विजय कुमार सिंह, वनरक्षी राजीव कुमार, राकेश कुमार यादव, शिवम कुमार, कुंदन कुमार, प्रिया कुमारी, केसर राज, कल्पना कुमारी, रूपेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और ग्रामीण उपस्थित रहे।
वन विभाग की ओर से वन्यजीव सप्ताह के दौरान लोगों से वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।















