
@ कहलगांव विधायक ई शुभानंद मुकेश के पहल पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने पथ निर्माण विभाग को दिया कार्रवाई का निर्देश, DPR तैयार कराने की मांग पर होगी प्रक्रिया।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सबौर से कहलगांव होते हुए मिर्जाचौकी (बिहार-झारखंड सीमा) तक प्रस्तावित मरीन ड्राइव यानी गंगा पाथवे के निर्माण की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर पहल आगे बढ़ी है। कहलगाँव के विधायक ई. शुभानंद मुकेश की ओर से मुख्यमंत्री को दिए गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने पथ निर्माण विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव अभिषेक श्रीवास्तव ने 14 सितंबर 2026 को पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र भेजकर विधायक के पत्र पर आवश्यक छानबीन कर समुचित निर्णय लेने तथा की गई कार्रवाई से विधायक और मुख्यमंत्री सचिवालय को अवगत कराने को कहा है।
विधायक ने मांगी थी DPR और कार्य शुरू कराने की पहल:
विधायक ई. शुभानंद मुकेश ने 2 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सबौर से मिर्जाचौकी तक मरीन ड्राइव के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने और आगे की प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया था।
विधायक ने अपने पत्र में कहा था कि 15 जुलाई 2026 को कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के गोराडीह प्रखंड के काशील गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सबौर से मिर्जाचौकी तक मरीन ड्राइव के निर्माण की घोषणा की थी। इसी घोषणा के क्रियान्वयन के लिए उन्होंने संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देने की मांग की थी।
एनएच-80 पर दबाव कम करने का दावा:

विधायक के अनुसार भागलपुर-कहलगांव-मिर्जाचौकी मार्ग पर भारी वाहनों के दबाव के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। प्रस्तावित गंगा पाथवे के निर्माण से इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की संभावना जताई गई है।उन्होंने पत्र में इस परियोजना को बिहार और झारखंड के बीच बेहतर अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी के साथ व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा:
प्रस्ताव में कहलगांव के विक्रमशिला महाविहार, बटेश्वर स्थान और उत्तरवाहिनी गंगा तट जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की बात कही गई है। विधायक ने इससे पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी व्यक्त की है। पत्र में गंगा किनारे बनने वाले इस पाथवे को बाढ़ एवं आपातकालीन परिस्थितियों में वैकल्पिक आवागमन और कटाव नियंत्रण की दृष्टि से भी उपयोगी बताया गया है।
अब पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई अहम:
मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र में पथ निर्माण विभाग से विधायक के प्रस्ताव पर छानबीन कर नियमानुसार समुचित निर्णय लेने को कहा गया है। विभाग को की गई कार्रवाई की जानकारी विधायक और मुख्यमंत्री सचिवालय दोनों को देने का निर्देश भी दिया गया है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि पथ निर्माण विभाग प्रस्तावित सबौर-मिर्जाचौकी मरीन ड्राइव की DPR तैयार कराने और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए किस स्तर पर कार्रवाई करता है।















