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विधिक जागरूकता कार्यक्रम में निःशुल्क कानूनी सहायता, जेल विधिक सहायता क्लीनिक और मध्यस्थता की प्रक्रिया पर हुई विस्तृत चर्चा

नवगछिया। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय, नवगछिया की ओर से उपकारा नवगछिया में एक दिवसीय कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा विवादों के वैकल्पिक समाधान के लिए मध्यस्थता की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना था।

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कार्यक्रम का आयोजन अनुमंडल विधिक सेवा समिति, व्यवहार न्यायालय, नवगछिया के अध्यक्ष अफजल आलम एवं सचिव आशीष चंद्र के दिशा-निर्देश में किया गया। इस दौरान बंदियों को विशेष रूप से दो महत्वपूर्ण विषयों—कैदियों के कानूनी अधिकार और मध्यस्थता—के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

पैनल अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बंदियों को ‘कैदियों को कानूनी सहायता सेवाओं तक पहुंच और जेल विधिक सहायता क्लीनिकों के कामकाज पर मानक संचालन प्रक्रिया, 2022’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बंदी जेल में रहते हुए भी निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। जेल में संचालित विधिक सहायता क्लीनिक के माध्यम से बंदियों को कानूनी सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम में ‘मध्यस्थता 3.0’ के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के बीच विवाद, जमीन-जायदाद से जुड़े मामले अथवा अन्य आपसी विवादों में पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान करने के लिए मध्यस्थता का सहारा ले सकते हैं। इससे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने के साथ न्यायालय में लंबित मामलों का बोझ कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

वक्ताओं ने बताया कि कई बार छोटी-सी बहस, पारिवारिक विवाद या गलतफहमी के कारण मामला पुलिस और न्यायालय तक पहुंच जाता है। ऐसे मामलों में मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर सहमति से समाधान का प्रयास किया जा सकता है। इससे समय और खर्च की बचत होने के साथ पारिवारिक एवं सामाजिक संबंधों को बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जेल में बंद प्रत्येक व्यक्ति को कानून के अनुसार उपलब्ध विधिक सहायता और अपने मामले की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है।

जेल प्रशासन की ओर से उपकारा नवगछिया के अधीक्षक ने कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने कानूनी अधिकारों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

बताया गया कि यदि किसी पक्षकार को मध्यस्थता के माध्यम से अपने विवाद का समाधान कराना है तो वह किसी भी कार्य दिवस में व्यवहार न्यायालय, नवगछिया स्थित लोक अदालत कार्यालय से संपर्क कर सकता है।

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