
समाजसेवी निरंजन साह एवं परशुराम साह ने अनुमंडल पदाधिकारी परीक्षित एवं एसडीपीओ सईम रजा से की औपचारिक मुलाकात
नवगछिया। दुर्गापूजा सहित आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और विद्यालयों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर समाजसेवियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। बभनगामा निवासी समाजसेवी निरंजन साह एवं खरीक निवासी परशुराम साह ने अनुमंडल पदाधिकारी परीक्षित एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सईम रजा से औपचारिक मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान दोनों समाजसेवियों ने संयुक्त रूप से अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद क्षेत्र में छात्राओं की सुरक्षा और विद्यालयों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
दोनों समाजसेवियों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ क्षेत्र के प्लस टू विद्यालयों के आसपास भी नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कुछ विद्यालयों में आए दिन अप्रिय घटनाओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने विशेष रूप से उन विद्यालयों और स्थानों को चिह्नित कर पुलिस गश्त बढ़ाने का आग्रह किया, जहां शाम के समय विद्यालय की छुट्टी के बाद छात्राएं खेलकूद या अन्य गतिविधियों के लिए रुकती हैं। समाजसेवियों ने कहा कि ऐसे स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी रहने से छात्राओं और उनके अभिभावकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही विद्यालयों के आसपास असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी नजर रखने की आवश्यकता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी परीक्षित एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सईम रजा ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए हर संभव सहयोग एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान समाजसेवी निरंजन साह ने दोनों पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सहयोग की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों और विशेषकर छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज और प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है।















