
@ शांति समिति की बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय, पंडालों में सीसीटीवी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था रखने का निर्देश।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने को लेकर बुधवार को समीक्षा भवन में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी-सह-जिला दंडाधिकारी अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव समेत प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों, पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा तथा सभी जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक रहेगी। अधिकारियों ने पूजा समितियों से निर्धारित नियमों और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

पूजा समितियों ने बैठक में सड़कों की सफाई व मरम्मत, विसर्जन घाटों पर प्रकाश और बैरिकेडिंग, गांगटा पोखर की सफाई, यातायात व्यवस्था, असामाजिक तत्वों पर निगरानी तथा पूजा पंडालों में पर्याप्त महिला पुलिस बल की तैनाती सहित कई सुझाव दिए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पूजा समितियों द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समितियों के साथ समन्वय कर सफाई, प्रकाश, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। नगर निगम को पूजा स्थलों एवं आसपास ब्लीचिंग-चूना का छिड़काव तथा कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने पूजा समितियों से पंडालों के आसपास ऐसी दुकानें या ठेले नहीं लगवाने की अपील की, जिससे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रशासनिक वाहनों के आवागमन में बाधा हो। चिमकी लाइट कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर लगाने तथा बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का भी निर्देश दिया गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूजा के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। यातायात व्यवस्था के लिए आवश्यकता के अनुसार विभिन्न स्थानों पर वन-वे व्यवस्था लागू की जा सकती है, जिसकी जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने पूजा समितियों से पंडाल के आकार के अनुसार पर्याप्त स्वयंसेवक रखने तथा रात्रि में कम से कम दो-तीन स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा।

पंडालों में अग्नि सुरक्षा के लिए बालू और पानी से भरे ड्रम रखने तथा महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। प्रतिमा की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने को भी कहा गया, ताकि विसर्जन के दौरान परेशानी न हो।
प्रशासन ने लोगों से किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को देने की अपील की। बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, थानाध्यक्ष और जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।















