
पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के सर्जन ने राष्ट्रीय सम्मेलन में पेट की टीबी के सर्जिकल उपचार पर हुई चर्चा का किया नेतृत्व
पूर्णिया। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), पूर्णिया के सर्जन डॉ. तारकेश्वर कुमार ने पटना में आयोजित BASICON 2026 के 45वें वार्षिक सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता की। यह सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर तक पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर के सर्जन और चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना और एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया (एएसआई) के बिहार चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में सर्जरी के क्षेत्र में चिकित्सा संबंधी विभिन्न विषयों पर चर्चा की जा रही है। सम्मेलन का उद्देश्य चिकित्सकों के बीच नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों, शोध और व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।
डॉ. तारकेश्वर कुमार ने 24 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे से 1:45 बजे तक आयोजित ‘एब्डॉमिनल ट्यूबरकुलोसिस : सर्जिकल कंसिडरेशंस’ यानी पेट की टीबी और उससे संबंधित शल्य चिकित्सा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता की। इस दौरान पेट की टीबी के उपचार, सर्जरी की आवश्यकता और इससे जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर अकादमिक चर्चा की गई।

राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित चिकित्सा सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता का अवसर मिलने पर डॉ. तारकेश्वर कुमार ने आयोजन समिति, आईजीआईएमएस पटना और एएसआई बिहार चैप्टर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक सम्मेलन चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन और चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार हो रहे बदलावों और नई उपचार पद्धतियों की जानकारी चिकित्सकों के लिए आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से सर्जनों को अपने अनुभव साझा करने, नई तकनीकों को समझने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
डॉ. तारकेश्वर कुमार की इस सहभागिता से पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय स्तर के चिकित्सा मंच पर हुआ।















