
‘नाद ब्रह्म, नागपुर’ की 66वीं प्रस्तुति में जीवंत हुआ डॉ. हेडगेवार का जीवनवृत्त, दर्शकों ने की सराहना
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर।स्थानीय टाउन हॉल में मंगलवार को बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्रालय के सौजन्य से ‘युग प्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ महानाट्य का मंचन किया गया। ‘नाद ब्रह्म, नागपुर’ की इस प्रस्तुति में डॉ. हेडगेवार के जीवनवृत्त को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। दो घंटे 20 मिनट तक चले इस नाट्य मंचन को देखने के लिए टाउन हॉल में बड़ी संख्या में लोग जुटे। सभागार खचाखच भरा रहा और दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना की।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध संत परमहंस स्वामी अगमानंद जी महाराज, बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संचालक नरेश मोहन झा, सह-संचालक डॉ. चंद्रशेखर झा, दक्षिण बिहार के सह प्रांत कार्यवाह बालानंद गुप्ता, प्रो. राजा प्रताप, भागलपुर की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल तथा ‘नाद ब्रह्म, नागपुर’ के अध्यक्ष एवं नाटक के निर्माता प्रभाकर धतोरकर उपस्थित रहे।
स्वामी अगमानंद जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं होता तो हिंदुत्व पर संकट उत्पन्न हो जाता। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि पूज्य डॉ. हेडगेवार के जीवनवृत्त से राष्ट्रवाद की प्रेरणा मिलती है। वहीं, संघ के विभाग संचालक नरेश मोहन झा ने कहा कि विचार कभी मरता नहीं है। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने हिंदुत्व की प्राचीन धारा को समाज में पुनः स्थापित करने का प्रयास किया।

महानाट्य देखने के लिए भागलपुर विधायक रोहित पांडेय, पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान और कटोरिया विधायक पूरनलाल टुड्डू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और युवा उपस्थित रहे। ‘नाद ब्रह्म, नागपुर’ की यह 66वीं प्रस्तुति थी, जिसमें डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों को नाटकीय रूप में दर्शाया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन अजीत घोष ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन प्रमुख नीरज यादव ने किया। आयोजन की व्यवस्था में विष्णु शर्मा, योगेश पाण्डेय, रवि सिंह, डॉ. सुदर्शन, रवि पंडित, ओमप्रकाश तिवारी सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सहयोग किया।















