
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिस मां ने अपने बेटे की सलामती के लिए रातभर दुआएं मांगीं, जिस घर में उसके लौटने की उम्मीद लगाए परिजन दरवाजे पर नजरें टिकाए बैठे थे, वहां गुरुवार को ऐसी खबर पहुंची जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। घर से लापता हुए दुर्गेश कुमार का शव भावनाथपुर बगीचा के समीप पुल के पास पानी में मिला। बेटे का शव देखते ही मां पुष्पा देवी का कलेजा फट पड़ा। उनकी चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो उठा।
मामला अकबरनगर थाना क्षेत्र के किशनपुर पंचायत अंतर्गत गौरीपुर गांव के वार्ड संख्या 11 का है। मृतक की पहचान मनोज राय के पुत्र दुर्गेश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दुर्गेश बुधवार से लापता था। गुरुवार को पानी में शव मिलने की सूचना फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

मृतक की मां पुष्पा देवी ने पंचायत के ही तीन युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मंगलवार की देर शाम तीन युवक दुर्गेश को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। देर रात तक जब बेटा वापस नहीं लौटा तो परिवार की बेचैनी बढ़ने लगी। परिजनों ने युवकों से दुर्गेश के बारे में पूछा तो उन्होंने टालमटोल करते हुए कहा कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा।लेकिन परिवार को क्या पता था कि जिस बेटे के लौटने का इंतजार हो रहा है, उसकी अगली खबर मौत की होगी। गुरुवार को पानी में उसका शव मिलने के बाद मां ने बेटे की सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है।
इस पूरे मामले में एक फोन कॉल भी कई सवाल खड़े कर रहा है। मृतक के भाई सन्नी कुमार के मुताबिक, दुर्गेश के लापता होने वाली रात एक युवक ने उसके मोबाइल पर फोन किया था। फोन करने वाले ने कहा था कि उसके भाई का किसी के साथ विवाद हो गया है, जल्दी पहुंचो। आखिर दुर्गेश का किससे विवाद हुआ था? उसे घर से बुलाकर ले जाने के पीछे क्या वजह थी? और अगर विवाद हुआ था तो परिवार को इसकी पूरी जानकारी क्यों नहीं दी गई? ये ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब अब पुलिस की जांच से मिलने की उम्मीद है। परिजनों का कहना है कि दुर्गेश शांत स्वभाव का युवक था और उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाकर आवश्यक जांच शुरू की। थानाध्यक्ष रामाशीष कुमार के अनुसार, युवक के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। गुरुवार को शव बरामद होने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है।
पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
















