
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। रेलवे को रिकॉर्ड कमाई देने वाले भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की बदहाली का आलम यह है कि प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लगा लिफ्ट पिछले कई दिनों से खराब पड़ा है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा बुजुर्ग, बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग रेल यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रेन पकड़ने और प्लेटफार्म बदलने के लिए उन्हें मजबूरी में सीढ़ियों से चढ़ना-उतरना पड़ रहा है। इन दिनों दीपावली और छठ को लेकर भागलपुर रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

लिफ्ट के बाहर रेलवे की ओर से महज एक सूचना चस्पा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है। सूचना में लिखा है –
सूचना / NOTICE
लिफ्ट खराब है।
The Lift is Not Working.
आपको हुई असुविधा के लिए खेद है।
Sorry for the inconvenience.
लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह लिफ्ट कब से खराब है और इसे कब तक दुरुस्त किया जाएगा? इस संबंध में यात्रियों को कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नजर नहीं आ रही है। हैरानी की बात यह है कि दो दिन पूर्व ही स्टेशन का एस्केलेटर भी खराब हो गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों की नजर भागलपुर स्टेशन की यात्री सुविधाओं पर क्यों नहीं पड़ रही है?
गुरुवार दोपहर का नजारा व्यवस्था की पोल खोलने वाला था। बाएं पैर में प्लास्टर लगाए एक युवक रेलिंग का सहारा लेकर सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था। असंतुलित होने के कारण वह गिरते-गिरते बचा। वहीं, एक अन्य दिव्यांग यात्री अपनी बैसाखी के सहारे डरते-डरते सीढ़ियां उतरने को मजबूर था। यह दृश्य बताने के लिए काफी है कि लिफ्ट खराब होने से जरूरतमंद यात्रियों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन को समझना चाहिए कि लिफ्ट और एस्केलेटर बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए बुनियादी जरूरत हैं। केवल ‘लिफ्ट खराब है’ का बोर्ड टांग देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।अब सवाल रेलवे अधिकारियों से है – भागलपुर स्टेशन के यात्रियों को इस परेशानी से कब मुक्ति मिलेगी? खराब लिफ्ट की मरम्मत कब होगी और तब तक बीमार एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था कौन करेगा?
















