


भागलपुर। अश्विनी कुमार चौबे ने इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्राचीन समय में अंग, बंग और कलिंग एक ही सांस्कृतिक क्षेत्र का हिस्सा थे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
भागलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अश्विनी चौबे ने कहा कि इन क्षेत्रों की पहचान आपस में गहराई से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से उन्हें लगातार लोगों के बीच रहने और ऐतिहासिक विषयों को सामने लाने का अवसर मिलता है।

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले झारखंड दौरे के दौरान भी उन्होंने यह बात कही थी कि झारखंड कभी बिहार का हिस्सा था, बिहार का संबंध बंगाल से और बंगाल का संबंध ओडिशा से रहा है। इतिहास के पन्नों में इन सभी क्षेत्रों का आपसी जुड़ाव स्पष्ट दिखाई देता है।
भाजपा नेता ने कहा कि कलिंग, अंग और बंग मिलकर एक विशाल “अंग प्रदेश” या “अंग देश” का निर्माण करते थे। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक, व्यापारिक और सामाजिक संबंध सदियों पुराने हैं।

भागलपुर और अंग क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह धरती प्राचीन काल से ज्ञान, संस्कृति और परंपरा का केंद्र रही है। उन्होंने लोगों से अपने गौरवशाली इतिहास को जानने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की।
अश्विनी चौबे के इस बयान के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इतिहास एवं क्षेत्रीय पहचान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकार इसे क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं।















