
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। अंगिका केवल बोलचाल की भाषा नहीं, बल्कि अंगभूमि की सांस्कृतिक पहचान और साहित्यिक विरासत की संवाहक है। इसी भाषा और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जनजागृति का संदेश लेकर आज (बुधवार, 4 नवंबर) भागलपुर में एक अनूठी संकल्प संगीत संध्या आयोजित होने जा रही है।
सामाजिक संस्था युग चेतना फाउंडेशन, भागलपुर के तत्वावधान में शाम 5 बजे स्थानीय भावना होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में अंग क्षेत्र के दिवंगत अंगिका साहित्यकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। साथ ही अंगिका के विकास और सम्मान के संकल्प के साथ सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होंगी अंग कोकिला के नाम से लोकप्रिय लोक गायिका अर्पिता चौधरी, जो अपनी अंगिका प्रस्तुतियों से अंगभूमि की लोक संस्कृति और संगीत की मिठास बिखेरेंगी। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. आभा पूर्वे की दो कृतियों – लघु उपन्यास ‘वापसी’ और बाल एकांकी संग्रह ‘वंदे मातरम’ का लोकार्पण भी किया जाएगा। इस साहित्यिक आयोजन में अंग प्रदेश के चर्चित लेखक, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी, भाषा प्रेमी और कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
युग चेतना फाउंडेशन के निदेशक शिवनंदन खेतान ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य दिवंगत अंगिका साहित्यकारों के योगदान को स्मरण करने के साथ संविधान में प्रदत्त भाषा एवं संस्कृति संबंधी मौलिक अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।यह संध्या महज एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी मातृभाषा, साहित्यिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी।
















