


नवगछिया। अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में दलालों की सक्रियता पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त कदम उठाया और औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत अलग-अलग दो सदस्यीय टीमों का गठन कर प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों की बारीकी से जांच की गई।
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सुधीर कुमार और पीएचसी खरीक के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, एक्स-रे कक्ष, दवा वितरण केंद्र सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों का जायजा लिया। निरीक्षण में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और दलालों की संभावित गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
खरीक पीएचसी में अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, नवगछिया और रंगरा सीएचसी प्रभारी डॉ. रंजन कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। नारायणपुर पीएचसी में भूमि सुधार उप समाहर्ता, भागलपुर और बिहपुर सीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। वहीं, रंगरा सीएचसी का निरीक्षण अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), भागलपुर और सीएचसी गोपालपुर के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में दलालों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को पारदर्शी और सुगम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाए। अस्पताल परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे, ताकि सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था दुरुस्त हो और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।













