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पूर्णिया स्थित मिल्लिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रामबाग के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने संस्थान को एम.टेक पाठ्यक्रम संचालित करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के साथ ही संस्थान में अब सिविल इंजीनियरिंग (स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग शाखाओं में एम.टेक की पढ़ाई शुरू होगी।

खास बात यह है कि मिल्लिया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बिहार का पहला निजी कॉलेज बन गया है, जिसे एम.टेक कोर्स के संचालन की यह महत्वपूर्ण अनुमति प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि से न केवल संस्थान की शैक्षणिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र के छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता भी कम होगी।

संस्थान के डायरेक्टर डॉ. असद इमाम ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के निरंतर प्रयास, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

वहीं, असिस्टेंट डायरेक्टर आदिल इमाम ने बताया कि संस्थान भविष्य में और भी नए कोर्स शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि छात्रों को रोजगारपरक और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

संस्थान के प्राचार्य डॉ. शाकिब शकील ने इसे संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि एम.टेक कार्यक्रम से छात्रों को रिसर्च, नवाचार और तकनीकी कौशल विकसित करने का बेहतर अवसर मिलेगा। साथ ही, भविष्य में पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी संस्थान प्रयासरत है।

प्राचार्य ने बताया कि संस्थान में आधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुभवी फैकल्टी और रिसर्च-उन्मुख वातावरण का विकास किया जा रहा है, ताकि छात्र सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता भी हासिल कर सकें। इसके अलावा इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग और प्रोजेक्ट्स के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

संस्थान के प्रबंधन एवं फैकल्टी सदस्यों ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे सामूहिक मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुएगा।

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