


भागलपुर/बांका। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला परिषद कार्यालय में छापेमारी कर ₹1 लाख 26 हजार रिश्वत लेते एक इंजीनियर समेत दो कर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद जिला परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, जिला परिषद की एक विकास योजना पर कार्य कर रहे संवेदक अवध बिहारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव, कनीय अभियंता (जेई) सुधीर कुमार, कर्मी जागेश्वर मंडल, इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल सहित पांच लोगों के नाम शामिल थे।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाने पर विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। सोमवार को निगरानी टीम ने जिला परिषद कार्यालय में जाल बिछाकर छापेमारी की और कर्मी जागेश्वर मंडल तथा इंजीनियर ओमप्रकाश मंडल को ₹1.26 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान निगरानी अधिकारियों ने जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव से भी पूछताछ की। वहीं कार्यालय से आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए, जिनकी जांच की जा रही है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी सत्येंद्र राम ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को भागलपुर स्थित निगरानी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले में अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
















