


भागलपुर । बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर का 9वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने की। कार्यक्रम कर्पूरी सभागार में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान कुल 443 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 13 विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री दी गई। साथ ही 6 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्मारिका एवं वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 का विमोचन किया गया तथा विभिन्न विकास योजनाओं—जैसे पेयजल संयंत्र, नीरा पाउच (अनार एवं ऑरेंज फ्लेवर) और ई-गवर्नेंस पोर्टल—का शुभारंभ भी हुआ।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि “वर्क इज वर्शिप” के सिद्धांत पर चलते हुए कृषि क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी देश की खाद्य सुरक्षा के संरक्षक हैं और यही क्षेत्र भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बीएयू परिसर की स्वच्छता, हरियाली और ग्रीन कैंपस की सराहना करते हुए इसे अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणादायक बताया। साथ ही मखाना अनुसंधान के लिए “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का उत्सव है। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने की अपील की।
वहीं, कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बीएयू लगातार अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य “छात्रों और किसानों की समृद्धि से देश का विकास” सुनिश्चित करना है।
समारोह में अनेक गणमान्य अतिथि, विश्वविद्यालय के अधिकारी, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सफल आयोजन ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
















