
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा नदी की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गंगा में प्लास्टिक, कचरा और अन्य अपशिष्ट सामग्री फेंके जाने के मामले में प्रशासन ने जहाज एम.वी. स्वामी परमहंस (WB-1767) के संचालक को कारण-पृच्छा नोटिस जारी किया है। संचालक को 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण संचालित फेरी सेवा के दौरान गंगा नदी में प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ फेंके जाने का मामला सामने आया था। इस पर कार्रवाई करते हुए संबंधित जहाज संचालक से जवाब तलब किया गया है।

प्रशासन ने नोटिस के माध्यम से पूछा है कि नियमों के उल्लंघन को लेकर संबंधित संचालक का परमिट निरस्त करने और जुर्माना अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने भागलपुर में संचालित सभी फेरी एवं जहाज संचालकों को निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में जहाज से गंगा नदी में प्लास्टिक, खाली बोतल, खाद्य पदार्थों के पैकेट या अन्य कचरा नहीं फेंका जाए।
जहाज संचालकों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके कर्मचारी यात्रियों को नदी में कचरा फेंकने से रोकें। यात्रियों द्वारा इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को जहाज पर ही एकत्रित कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारित किया जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा सामने आने पर संबंधित जहाज संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनकी अनुज्ञप्ति (परमिट) भी निरस्त की जा सकती है।














