



भागलपुर। ईशा फाउंडेशन, कोयम्बटूर की ओर से राज्य के छह शहरों—पटना, गया, छपरा, सहरसा, भागलपुर और बेगूसराय—में गैस (एलपीजी) आधारित शवदाह गृह की स्थापना एवं संचालन के प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है।

इस क्रम में भागलपुर समाहरणालय की राजस्व शाखा ने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर उपयुक्त भूमि का प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। समाहरणालय से जारी पत्र के अनुसार, ईशा फाउंडेशन प्रत्येक शहर में एक-एक एकड़ भूमि को 1 रुपये की टोकन राशि पर 33 वर्षों की अवधि के लिए लीज पर लेने की सैद्धांतिक स्वीकृति चाहता है।
इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) के पत्रांक-7739 दिनांक 18 नवंबर 2025 और समाहरणालय के पत्रांक-5221/रा० दिनांक 25 नवंबर 2025 के आलोक में सभी जिलों से प्रतिवेदन/प्रस्ताव मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

इसी को ध्यान में रखते हुए, अपर समाहर्ता भागलपुर ने अंचल अधिकारी, सबौर सहित संबंधित अधिकारियों को स्मारित करते हुए निर्देश दिया है कि वे अपने अंचल क्षेत्र में एलपीजी आधारित शवदाह गृह की स्थापना के लिए उपयुक्त एवं सुयोग्य भूमि की पहचान कर एक-एक एकड़ भूमि का विस्तृत भू-प्रस्ताव अभिलेख सहित एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही नगर आयुक्त, नगर निगम भागलपुर को भी सूचनार्थ पत्र भेजा गया है और अनुरोध किया गया है कि वे अपने स्तर से आवश्यक प्रतिवेदन एवं प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस योजना के लागू होने से परंपरागत लकड़ी आधारित शवदाह की तुलना में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण कम होगा और शहरी क्षेत्रों में आधुनिक एवं सुविधाजनक अंतिम संस्कार व्यवस्था विकसित की जा सकेगी।














