


भागलपुर नगर निगम परिसर में स्थायी सफाईकर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन रहा और कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
नगर सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लड्डू हरि ने बताया कि सातवें वेतनमान का लाभ देने और पिछले दो वर्षों में कटी राशि का भुगतान करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके लिए कई बार आवेदन और आग्रह किए गए, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारियों को मजबूर होकर भूख हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।

संघ के सचिव नागेश्वर हरि ने बताया कि कर्मचारियों के बीच गहरा असंतोष है और सभी ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के एक “बड़ा बाबू” द्वारा फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई। नागेश्वर हरि के अनुसार, उनसे ₹5000 की घूस ली गई, जिसे उन्होंने कर्ज लेकर दिया, लेकिन इसके बावजूद उनकी फाइल दो वर्षों से लंबित पड़ी हुई है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अपने बकाया भुगतान के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्याओं का समाधान करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इधर, नगर निगम प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, हड़ताल के जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है।
इस दौरान सफाई कर्मचारी अशोक हरि, नागेश्वर हरि और सेवानिवृत्त कर्मचारी शंकराचार्य उपाध्याय ने भी अपनी समस्याएं रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।















