


भागलपुर का लाइफलाइन माने जाने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सेतु पर आवागमन बाधित रहने से हजारों लोगों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है।
स्थिति को संभालने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गंगा घाटों से नाव परिचालन शुरू कर दिया है। घाटों पर दंडाधिकारी की तैनाती के साथ-साथ पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन द्वारा नाव चालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर सवार न करें। साथ ही यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाने के लिए सरकारी दर भी निर्धारित की गई है।

इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ अलग ही तस्वीर पेश कर रही है। नाव के सहारे आवागमन कर रहे लोगों को लंबा इंतजार, अत्यधिक भीड़भाड़ और अव्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की पहल सराहनीय जरूर है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था उनकी जरूरतों को पूरा करने में नाकाफी साबित हो रही है। लोगों ने मांग की है कि नावों की संख्या बढ़ाई जाए, व्यवस्थाओं को और सुचारू किया जाए तथा जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालकर सेतु को पुनः चालू किया जाए, ताकि आम जनजीवन सामान्य हो सके।

इस संबंध में यात्री अवधेश कुमार ने बताया कि उन्हें रोजाना घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने कहा कि प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है और यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधा देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन आम लोगों को राहत मिलने के लिए स्थायी समाधान का इंतजार बना हुआ है।















