


@ स्क्रीन प्रिंटिंग से मंजूषा और सिक्की कला तक युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को भागलपुर संग्रहालय में ‘युवा अभिव्यक्ति कार्यशाला श्रृंखला’ का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सह सहायक संग्रहालय अध्यक्ष अंकित रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मौके पर शास्त्रीय संगीत प्रशिक्षक आकाश मिश्रा, वादन प्रशिक्षक ऋषि मिश्रा, कथक प्रशिक्षक राजकुमारी चंद्रकांता यादव और स्क्रीन प्रिंटिंग प्रशिक्षक उदय कुमार मौजूद रहे।
अंकित रंजन ने कहा कि कला केवल कौशल सीखने का माध्यम नहीं, बल्कि कल्पना, संवेदना और विचारों को अभिव्यक्त करने की सशक्त भाषा है। युवाओं में रचनात्मक ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें उचित मार्गदर्शन, अभ्यास और प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि भागलपुर संग्रहालय को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण केंद्र के साथ युवाओं की रचनात्मक अभिव्यक्ति के सक्रिय मंच के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
कार्यशाला श्रृंखला के प्रथम चरण में 25 से 29 सितंबर तक स्क्रीन प्रिंटिंग प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिभागियों को स्क्रीन प्रिंटिंग तकनीक, डिजाइन निर्माण, रंग संयोजन और प्रिंट तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
इसके बाद 6 से 10 अक्टूबर तक माली कलाकारों के लिए मंजूषा चित्रकला प्रशिक्षण तथा 12 से 16 अक्टूबर तक सिक्की कला प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से पारंपरिक कला एवं शिल्प को नई पीढ़ी से जोड़ने और स्थानीय कला परंपराओं में रचनात्मक नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और प्रयोगधर्मिता के साथ कला सीखने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय के अनुसार, कार्यशाला श्रृंखला का उद्देश्य युवाओं को कला, संस्कृति, लोक परंपरा और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़कर उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा पारंपरिक कला विधाओं के संरक्षण और समकालीन प्रयोग को प्रोत्साहित करना है।

















