


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने भागलपुर जिले में चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ, पश्चिम विकास विभाग, पटना की ओर से 3 सितंबर को दोपहर 2 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक भागलपुर, सुल्तानगंज और कहलगांव में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में बढ़ा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि तटवर्ती इलाकों के लिए चिंता का विषय है।
भागलपुर में गंगा का जलस्तर गुरुवार दोपहर 33.48 मीटर दर्ज किया गया। एक दिन पहले यह 33.27 मीटर था। यानी 24 घंटे में जलस्तर में 21 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यहां खतरे का स्तर 33.68 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से गंगा अब खतरे के निशान से महज 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
सुल्तानगंज स्टेशन के आंकड़े भी बढ़ते जलस्तर की तस्वीर दिखा रहे हैं। सुल्तानगंज में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। यहां गंगा के लिए खतरे का निशान 34.50 मीटर है।
कहलगांव में भी गंगा का पानी नीचे जाने के बजाय ऊपर चढ़ा है। यहां गुरुवार दोपहर जलस्तर 31.85 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले दिन के 31.69 मीटर से 16 सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि, कहलगांव में खतरे का स्तर 31.09 मीटर है। इस हिसाब से गंगा यहां खतरे के निशान से 76 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

गंगा के इन तीनों प्रमुख स्टेशनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति अलग-अलग है। भागलपुर में पानी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर नीचे, सुल्तानगंज में करीब डेढ़ मीटर ऊपर और कहलगांव में 76 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है।
सबसे अहम बात यह है कि तीनों स्थानों पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में गंगा किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
फिलहाल, आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। भागलपुर में यह खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जबकि सुल्तानगंज और कहलगांव में स्थिति पहले ही गंभीर बनी हुई है।
















