


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। राघोपुर में गंगा के तेज कटाव से निपटने के लिए प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से बचाव कार्य तेज किए जाने के बीच बिंद टोली रिंग बांध पर मिट्टी काटे जाने का मामला सामने आया है। स्पर संख्या 7 और 8 के बीच मिट्टी कटाई की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस इलाके में पहले बांध टूटने से कई गांव जलमग्न हो चुके हैं, वहां मिट्टी काटे जाने से बांध की सुरक्षा पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
राघोपुर में गंगा के कटाव को नियंत्रित करने के लिए बालू से भरे बोरे, जियो बैग और मेगा बैग डाले जा रहे हैं। प्रशासनिक और विभागीय स्तर पर कटाव रोकने की कवायद जारी है। इसी बीच बिंद टोली रिंग बांध के पास मिट्टी कटाई को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
पहले टूट चुका है बांध, इसलिए बढ़ी चिंता:
स्थानीय लोगों के अनुसार बिंद टोली रिंग बांध का यह इलाका पहले भी बाढ़ और बांध टूटने की घटनाओं का गवाह रह चुका है। बांध टूटने के बाद आसपास के कई गांवों में पानी फैल गया था और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील इलाके में यदि बांध की मिट्टी हटाई जाती है और इससे उसकी संरचना प्रभावित होती है, तो तेज जल प्रवाह और पानी के दबाव की स्थिति में खतरा बढ़ सकता है।
मिट्टी कटाई को लेकर कई सवाल:
मिट्टी किस उद्देश्य से काटी जा रही है और यह काम किस विभाग या एजेंसी के निर्देश पर हो रहा है, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूछा है कि क्या मिट्टी कटाई के लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है? यदि अनुमति दी गई है, तो इसके पीछे तकनीकी आधार क्या है?
ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि जिस स्थान पर पहले बांध टूट चुका है, वहां दोबारा मिट्टी काटे जाने से बांध की मजबूती पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का तकनीकी आकलन किया गया है या नहीं।
वीडियो-फोटो से मामला चर्चा में:
बिंद टोली रिंग बांध से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। इनमें बांध क्षेत्र में मिट्टी काटे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो से यह स्पष्ट नहीं होता कि मिट्टी कटाई किस उद्देश्य से और किसकी अनुमति से की जा रही है।
ऐसे में पूरे मामले पर संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और किसी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति न रहे।
एक तरफ राघोपुर, दूसरी तरफ रिंग बांध की चुनौती
राघोपुर में गंगा का कटाव पहले से ही गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि कटाव रोकने के साथ-साथ आसपास के रिंग बांधों की सुरक्षा और मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि राघोपुर को कटाव से बचाने की कोशिश जरूरी है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बचाव कार्यों के बीच किसी दूसरे इलाके की सुरक्षा खतरे में न पड़े।

















