


बिना साक्ष्य आरोप लगाने पर जताई आपत्ति, रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पूर्णिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूर्णिया जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने जिला महामंत्री पुलक राय पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार एवं तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के एक पूर्व पदाधिकारी द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं और इनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के नाम पर धन मांगने के आरोप का खंडन
हाल के दिनों में एक कार्यकर्ता द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कराने के नाम पर धन की मांग की गई थी। इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक है और संगठन में किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत सौदेबाजी या आर्थिक लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास आरोपों से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य है तो वह पार्टी मंच पर प्रस्तुत करे। साक्ष्य मिलने पर संगठन निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
आरोप लगाने वाले कार्यकर्ता के खिलाफ पहले भी हुई थी कार्रवाई
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष ने बताया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति पूर्व में भी पार्टी के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों पर इसी प्रकार के आरोप लगाता रहा है। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता के कारण उसे पहले युवा मोर्चा से हटाया गया था। बाद में पिछड़ा जाति मोर्चा में जिला मंत्री के पद पर रहते हुए भी संगठनात्मक अध्यक्ष पर आरोप लगाने के कारण उसे पदमुक्त कर दिया गया था।
जांच समिति का गठन
संजीव कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि संबंधित कार्यकर्ता को अभी पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। जांच प्रक्रिया के तहत उसे अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद संगठन आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
संगठन की गरिमा बनाए रखने की अपील
प्रेस वार्ता के अंत में जिलाध्यक्ष ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद को सार्वजनिक मंचों के बजाय पार्टी के निर्धारित संगठनात्मक मंच पर उठाया जाना चाहिए, ताकि उसका उचित समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने दोहराया कि भाजपा संगठन अनुशासन, पारदर्शिता और सामूहिक नेतृत्व के सिद्धांतों पर कार्य करता है तथा किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायसंगत कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।













