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मजदूरों के अधिकार और श्रम कानूनों को लेकर सरकार पर साधा निशाना

नवगछिया : बिहार प्रान्तीय खेतिहर मजदूर यूनियन का दो दिवसीय जिला सम्मेलन इस्माइलपुर प्रखंड के सुदन टोला में संपन्न हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्य पर्यवेक्षक एवं यूनियन पदाधिकारी कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने किया। सम्मेलन में खेतिहर मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों तथा श्रमिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।


उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने केंद्र एवं बिहार सरकार पर खेतिहर मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार जनसंघर्षों की आवाज सुनने के बजाय मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों पर दमनात्मक कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज तक खेतिहर मजदूरों के लिए कोई ठोस केंद्रीय कानून नहीं बनाया गया है। साथ ही मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने और खेतिहर मजदूरों के लिए पेंशन योजना लागू नहीं किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक संघर्ष चलाने की आवश्यकता बताई।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू नेता Narendra Modi सरकार की श्रम नीतियों की आलोचना करते हुए दशरथ प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार लेबर कोड कानून मजदूर हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के जरिए मजदूरों को फिर से शोषण की स्थिति में धकेलने की कोशिश की जा रही है।


उन्होंने कहा कि मजदूरों से आठ घंटे के बजाय 16 घंटे तक काम लेने की तैयारी की जा रही है, जिसके खिलाफ संगठित संघर्ष को और तेज करने की जरूरत है। सम्मेलन में श्रमिक एकता और अधिकारों की रक्षा को लेकर कई प्रस्ताव भी पारित किए गए।

दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन के दौरान संगठन की नई 17 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया। इसमें कामरेड उमेश मंडल को जिला अध्यक्ष तथा कामरेड गणेश दास को जिला सचिव चुना गया।

सम्मेलन में कामरेड उमेश मंडल, मंजूर आलम, मिथुन मंडल, कार्तिक मंडल, अयोध्या मंडल, जामुन सहित कई प्रमुख साथियों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन के अंत में मजदूर हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

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