


पूर्णिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्णिया शाखा के सभागार में बीके मुकुट मणि के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण के जीवन और जन्माष्टमी के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित भाई-बहनों ने पवित्रता और दिव्य गुणों को जीवन में धारण करने का संकल्प लिया।

बीके मुकुट मणि ने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व सतयुगी स्वर्णिम दुनिया की याद दिलाता है। इस अवसर पर जीवन को पवित्र, निर्मल और गुणवान बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण को सतयुग का प्रथम राजकुमार माना जाता है। वे भगवान नहीं, बल्कि मनुष्य सृष्टि की श्रेष्ठ, 16 कला संपूर्ण और पूर्ण पवित्र आत्मा हैं। भगवान एक निराकार शिव हैं, जो रचयिता हैं, जबकि श्रीकृष्ण रचना के प्रथम फूल हैं।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी पर अन्न का व्रत रखने के बजाय विकारों से व्रत लेने का भाव समझना चाहिए। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसे पांच विकारों को छोड़ने का संकल्प ही इस पर्व का वास्तविक संदेश है।
बीके मनोज ने जन्माष्टमी से जुड़े विभिन्न प्रतीकों का आध्यात्मिक अर्थ बताते हुए कहा कि जेल में श्रीकृष्ण का जन्म कलियुग रूपी बुराइयों के बीच पवित्रता के जन्म का प्रतीक है। आधी रात को जन्म अज्ञान के घोर अंधकार के बीच ज्ञान से सतयुगी दुनिया के उदय का संदेश देता है। मोर-मुकुट और पीतांबर 16 कला संपन्नता, पवित्रता और शीतलता के प्रतीक हैं, जबकि मुरलीधर का भाव ऐसी वाणी और जीवन से जुड़ा है, जिससे दूसरों को सुख मिले।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के तीन प्रमुख गुणों को जीवन में धारण करने का प्रयास करना चाहिए। मुरलीधर की तरह सदैव मुस्कुराते रहना, मोर-मुकुटधारी की तरह विकारों पर विजय प्राप्त करना और माखन चोर के रूप में सभी के दिलों में अच्छाई को स्थान देना इसका संदेश है।

कार्यक्रम में कहा गया कि जन्माष्टमी केवल श्रीकृष्ण का पूजन या व्रत कर उनसे कृपा मांगने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विशेष गुणों को अपने जीवन में धारण करने का पर्व है। मन से नकारात्मक विचारों को दूर कर श्रेष्ठ कर्म, मधुर वाणी और दिव्य गुणों के माध्यम से स्वयं पर कृपा करने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित भाई-बहनों ने श्रीकृष्ण के जीवन के गुणों को अपनाने तथा पवित्रता और दिव्य गुणों को जीवन में धारण करने की प्रतिज्ञा ली। कार्यक्रम में प्रकाश, अरविंद कुमार, संजय, दिनेश, बीके मधु, जागृति, अनिता, पद्मा और स्नेहा सहित शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
















