


नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड क्षेत्र में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने ब्रह्मोत्तर तटबंध के मजबूतीकरण की मांग को लेकर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है। गंगा और कोशी नदी के जलस्तर में वृद्धि से उत्पन्न होने वाले खतरे को गंभीरता से उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ब्रह्मोत्तर तटबंध रैयती जमीन पर स्थित है, जिसके कारण अब तक जल संसाधन विभाग द्वारा इसका विधिवत अधिग्रहण नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध काफी पुराना और जर्जर हो चुका है तथा पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर यह क्षतिग्रस्त भी हुआ था।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते तटबंध को मजबूत नहीं किया गया, तो जलस्तर बढ़ने की स्थिति में गोपालपुर और रंगरा क्षेत्र में पानी प्रवेश कर सकता है। इससे हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा, साथ ही फसल, पशुधन और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि बाढ़ की स्थिति बनने पर सरकार को राहत एवं बचाव कार्यों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, जिससे सरकारी संसाधनों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा। इसलिए पूर्व तैयारी के तहत तटबंध का सुदृढ़ीकरण अत्यंत आवश्यक है।
इस आवेदन पर कई जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें जिला परिषद सदस्या कुमारी गुड़िया, एमएलसी प्रतिनिधि रंजन कुमार राय, चपरघट मुखिया मुनकेश्वर सिंह, कमलाकुंड मुखिया मितू कुमारी, सरपंच सोनी देवी, ग्रामीण चंदन कुमार, साकेत बिहारी, प्रमोद चौबे सहित अन्य लोग शामिल हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तटबंध का शीघ्र अधिग्रहण कर तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए, ताकि आने वाले मानसून में क्षेत्र को संभावित बाढ़ से सुरक्षित रखा जा सके।















