


नवगछिया में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते उस समय टल गया, जब डायल 112 की पुलिस टीम ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या का प्रयास कर रही एक महिला की जान बचा ली। इस घटना ने एक ओर पुलिस की सक्रियता को उजागर किया, वहीं दूसरी ओर घरेलू हिंसा की गंभीर समस्या को भी सामने ला दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले के महेशखुट पिपरा निवासी शोभा कुमारी (पति अजीत कुमार) मानसिक तनाव में आकर नवगछिया रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने के इरादे से पहुंच गई थी। इसी दौरान डायल 112 की गश्ती टीम—पुलिस पदाधिकारी राहुल राज, सिपाही सुनील कुमार और चालक संजय यादव—अपने नियमित गश्त पर थी।
स्टेशन से रसलपुर डाला केबिन के पास करीब 200 मीटर पहले रेलवे ट्रैक पर भीड़ लगी देख पुलिस टीम को शक हुआ। तत्परता दिखाते हुए टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां महिला आत्महत्या की कोशिश में थी। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए स्थिति को संभाला और महिला को सुरक्षित ट्रैक से हटाया। इस दौरान महिला काफी तनावग्रस्त थी और किसी की बात सुनने की स्थिति में नहीं थी, लेकिन पुलिस टीम के धैर्य और समझदारी से उसे शांत कर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
इसके बाद महिला को नवगछिया आदर्श थाना लाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे आगे की कार्रवाई के लिए महिला थाना को सौंप दिया गया।
पुलिस पदाधिकारी राहुल राज ने बताया कि महिला अत्यधिक मानसिक दबाव में थी और बार-बार आत्महत्या की बात कर रही थी। काफी समझाने-बुझाने और भरोसा दिलाने के बाद उसे इस खतरनाक कदम से रोका जा सका।
पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने पति अजीत कुमार, ससुर और देवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि ससुराल में उसके साथ लगातार मारपीट की जाती है, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है और कई बार उसे घर से निकाल दिया गया। इन परिस्थितियों से तंग आकर वह गहरे तनाव में आ गई थी।
महिला ने यह भी बताया कि उसके चार बच्चे हैं—तीन बेटियां और एक बेटा—जिनकी जिम्मेदारी भी उसी पर है। पारिवारिक विवाद और हिंसा के कारण वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।
फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के बयान के आधार पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। साथ ही महिला को आवश्यक सहायता और परामर्श भी उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने डायल 112 की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। समय पर हस्तक्षेप ने न केवल एक महिला की जान बचाई, बल्कि एक संभावित बड़ी दुर्घटना को भी टाल दिया।















