


समाजसेवी सुजीत सिंह बोले—मवेशियों और परिवार को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा
नवगछिया। मदरौनी गांव में करीब एक माह से बाढ़ का पानी रहने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। बाढ़ के कारण विस्थापित होकर ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कुछ राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है, लेकिन परिवार और मवेशियों को धूप एवं बारिश से बचाने के लिए अब तक प्लास्टिक पन्नी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

समाजसेवी सुजीत सिंह ने कहा कि उनके गांव में करीब एक माह से बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है, लेकिन परिवार और मवेशियों के लिए ऊंचे स्थान पर तिरपाल लगाने के लिए प्लास्टिक पन्नी अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पन्नी नहीं मिलने के कारण मवेशियों को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है।
सुजीत सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि भागलपुर के अपर समाहर्ता, आपदा विभाग की ओर से पन्नी के वितरण को रोका गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपर समाहर्ता, आपदा तथा आपदा मंत्री से भी गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि खुले आसमान के नीचे रहने के कारण परिवार और मवेशियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से तत्काल पन्नी उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुजीत सिंह ने कहा कि यदि कल तक गांव में पन्नी का वितरण नहीं किया गया तो ग्रामीण मजबूर होकर प्रखंड कार्यालय का घेराव करेंगे और वहीं धरने पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पन्नी उपलब्ध कराने की मांग की है।
















