


नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड स्थित सरकारी मवेशी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय किसानों एवं ग्रामीणों ने अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधा और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
किसान सह भाजपा नेता बांसुकी मंडल ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए बताया कि उनकी गाय अचानक बीमार हो गई थी। इलाज के लिए वे सरकारी मवेशी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां न तो कोई पशु चिकित्सक मौजूद था और न ही इलाज की समुचित व्यवस्था दिखाई दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल पूरी तरह अव्यवस्थित स्थिति में था। ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर आलोक कुमार भी सोए हुए मिले। ऐसी परिस्थिति में पशुओं का इलाज कैसे होगा, यह एक बड़ा सवाल है।
बांसुकी मंडल ने कहा कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद यहां जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही साफ दिखाई देती है, जिससे किसानों और पशुपालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं स्थानीय ग्रामीण चंदन कुमार ने भी अस्पताल की खराब व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों के लिए काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। समय पर डॉक्टर और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से लोगों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार करने, नियमित रूप से पशु चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा आवश्यक दवाओं और सुविधाओं की उपलब्धता कराने की मांग की है।















