


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) भागलपुर के स्टार्टअप सेल की ओर से मंगलवार को संस्थान के लेक्चर हॉल में ‘Startup Bihar Idea Bootcamp’ का आयोजन किया गया। ‘A Statewide Open Innovation Day’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिहार की स्थानीय एवं क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार तथा एआई/एमएल आधारित तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
बूटकैंप में 60 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि 14 टीमों ने अपने स्टार्टअप आइडिया और नवाचार आधारित समाधान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को Idea Validation, Product Development, Market Access, Funding Opportunities तथा Legal और Intellectual Property Support सहित स्टार्टअप से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योग विस्तार पदाधिकारी श्याम प्रकाश ने विद्यार्थियों को सरकारी फंडिंग के अवसरों और विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कृषि और स्वास्थ्य सेवा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके तकनीकी एवं व्यावहारिक समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

बूटकैंप में प्रस्तुत 14 टीमों के आइडिया में बिहार की स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए AI/ML आधारित तकनीकी समाधान एवं नवाचार पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अपने आइडिया की उपयोगिता का आकलन करने, उसे वैलिडेट करने तथा उत्पाद विकास, बाजार तक पहुंच और फंडिंग की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर IIIT भागलपुर के स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. ओम प्रकाश सिंह के अलावा डॉ. मेहुल कुमार, डॉ. उत्तम कुमार, डॉ. प्रभात कुमार विद्यार्थी, डॉ. स्वाति कुमारी, डॉ. सुनील कुमार एवं डॉ. नेहाल अहमद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में डॉ. ओम प्रकाश सिंह का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। वहीं, स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर गोविंद मिश्रा एवं ईशान झा ने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों के संचालन एवं समन्वय में सहयोग किया।
‘Startup Bihar Idea Bootcamp’ के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने तकनीकी ज्ञान और नवाचार आधारित विचारों को वास्तविक समस्याओं के समाधान में बदलने तथा उन्हें संभावित स्टार्टअप वेंचर के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं अवसर मिला। कार्यक्रम को संस्थान में इनोवेशन, उद्यमिता और समस्या-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

















