


खगड़िया: जन सुराज की ओर से आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) ने मुख्यमंत्री और सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम और शैक्षणिक योग्यता को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि “सम्राट चौधरी का चाल, चरित्र और चेहरा क्या है, यह चुनाव से पहले ही जन सुराज ने जनता को बताया था।”
PK ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहचान को लेकर ही भ्रम की स्थिति है। “इनका नाम राकेश कुमार है, राकेश कुमार मौर्य है या सम्राट चौधरी—यह स्पष्ट नहीं है। इनके जन्म वर्ष को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आते हैं, कहीं 1981 तो कहीं 1968 बताया जाता है,” उन्होंने आरोप लगाया।
शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए PK ने कहा कि एक एफिडेविट में खुद को सातवीं पास बताया गया, जबकि दूसरे में अमेरिका से डी.लिट (D.Lit) की डिग्री होने का दावा किया गया है। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया।
वहीं सरकार के फ्लोर टेस्ट पास करने पर भी PK ने तंज कसते हुए कहा कि जनता से वोट लेने के लिए नीतीश कुमार को “मुखौटा” बनाकर पेश किया गया, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर दूसरे को मुख्यमंत्री बना दिया गया। उन्होंने दावा किया कि यह बहुमत लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि “पैसे और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग” से हासिल किया गया है।
PK ने आरोप लगाया कि “202 विधायकों का समर्थन वास्तविक जनादेश नहीं, बल्कि 10-10 हजार रुपये देकर जुटाया गया समर्थन है,” और इसमें चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जन सुराज ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया।
















