


किशनगंज जिले के दिघलबैंक पंचायत क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। शाम होते ही हाथियों की मौजूदगी से लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। कई गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, दिघलबैंक पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित आमडांगी गांव में हाथियों का झुंड अचानक पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने देव नाथ महतो के केले के बागान को भारी नुकसान पहुंचाया और कई आवासीय घरों को भी क्षति पहुंचाई। किसानों का कहना है कि हर साल उन्हें हजारों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथियों का एक जोड़ा अलग होकर इंडो-नेपाल सड़क पर कदम चौक और धनतोला स्कूल चौक के पास घूमता नजर आया। इस दौरान कुछ लोग डर के साथ मोबाइल से तस्वीरें भी लेते दिखे।
जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन महीनों से अधिक समय से हाथियों का यह झुंड धनतोला पंचायत और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में लगातार फसलों और घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीण लगातार वन विभाग से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से लोगों में नाराजगी है।

इस संबंध में वन क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने बताया कि हाथियों का झुंड आमडांगी, खाड़ी दुबरी और मालटोली गांवों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने के लिए जल्द अभियान चलाया जाएगा।
फिलहाल ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है और लोग शाम होते ही अपने घरों में रहने को मजबूर हैं।














