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रूपेश कुमार राय ने खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव की उठाई मांग; जमीन की रसीद आधार से जुड़ने और बटाईदार किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का किया आग्रह

नवगछिया। क्षेत्र में किसानों को खाद प्राप्त करने में हो रही परेशानियों को लेकर भाजपा के जिला मंत्री रूपेश कुमार राय ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखित आवेदन सौंपकर खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र के पिता के श्राद्धकर्म में शामिल होने खरीक प्रखंड के तेलघी गांव पहुंचे थे। इसी दौरान रूपेश कुमार राय ने उनसे मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराया और उनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री को सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि क्षेत्र में खाद दुकानदारों के पास खाद उपलब्ध रहने के बावजूद सरकारी वितरण व्यवस्था में तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनों के कारण किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इसके चलते खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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जमीन की रसीद आधार से लिंक नहीं होने से किसान परेशान

आवेदन में खाद प्राप्त करने में आ रही प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि कई किसानों के पास अपनी जमीन है, लेकिन जमीन की रसीद आधार से लिंक नहीं होने के कारण सरकारी व्यवस्था के तहत उनका खाद खरीदने के लिए आवश्यक क्यूआर कोड नहीं बन पा रहा है। इस तकनीकी समस्या के कारण खाद दुकानों पर उपलब्धता रहने के बावजूद ऐसे किसान खाद खरीदने से वंचित रह जा रहे हैं।

बटाई और लीज पर खेती करने वाले किसानों की भी बढ़ी परेशानी

दूसरी बड़ी समस्या बटाई और लीज पर खेती करने वाले किसानों की बताई गई है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं। उनके नाम पर जमीन की रसीद नहीं होने के कारण खाद वितरण प्रणाली में उनका क्यूआर कोड नहीं बन पा रहा है। नतीजतन, वास्तविक रूप से खेती करने वाले इन किसानों को भी समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

खाद वितरण प्रक्रिया में वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

भाजपा जिला मंत्री रूपेश कुमार राय ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि किसानों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए खाद वितरण की प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव किया जाए। जिन किसानों की जमीन की रसीद आधार से लिंक नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही बटाई और लीज पर खेती करने वाले किसानों को भी खाद उपलब्ध कराने के लिए सरल प्रक्रिया निर्धारित की जाए।

आवेदन में कहा गया है कि किसान हित सर्वोपरि होना चाहिए और अन्नदाताओं की परेशानी दूर करना प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि खाद वितरण व्यवस्था में इन व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाता है, तो बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी और खेती के समय पर आवश्यक खाद उपलब्ध हो सकेगी।

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