


पटना के कंकड़बाग में जुटे बिहार के 1700 केंद्र संचालक, 9 महीने से नामांकन बंद रहने और मानदेय नहीं मिलने का लगाया आरोप
पटना। बिहार सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित कुशल युवा प्रोग्राम (KYP) के केंद्र संचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से पटना के कंकड़बाग स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। बिहार के करीब 1700 KYP केंद्र संचालकों ने सरकार से अपने केंद्रों में जल्द से जल्द नए नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने तथा लंबित भुगतान सहित अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
धरना प्रदर्शन के दौरान केंद्र संचालकों ने कहा कि पिछले करीब 9 महीनों से उनके केंद्रों में नामांकन की प्रक्रिया बंद है। संचालकों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें लगातार आश्वासन दिया गया और जिला कौशल प्रबंधकों द्वारा केंद्रों की जांच भी की गई, लेकिन इसके बावजूद नामांकन शुरू नहीं किया गया।

केंद्र संचालक डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने कहा कि KYP के माध्यम से पिछले करीब नौ वर्षों से बिहार के युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कम्युनिकेशन स्किल, कंप्यूटर स्किल और लैंग्वेज स्किल के माध्यम से रोजगार एवं नौकरी के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का लाभ खासकर गरीब, दलित, महादलित, पिछड़े एवं समाज के कमजोर वर्ग के युवाओं को मिला है।
संचालकों का कहना है कि ऐसे कई युवा, जिन्हें पहले कंप्यूटर और माउस चलाने तक का ज्ञान नहीं था, उन्हें प्रशिक्षण देकर कंप्यूटर के क्षेत्र में दक्ष बनाया गया। प्रशिक्षण के बाद अनेक युवा बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों में जाकर इंटरव्यू के माध्यम से रोजगार हासिल करने में सक्षम हुए हैं।
केंद्र संचालकों ने दावा किया कि KYP के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं की सफलता दर भी बेहतर रही है। उनके अनुसार, करीब 97 प्रतिशत प्रशिक्षुओं को कार्यक्रम से लाभ मिला है। संचालकों का कहना है कि पूर्व में विभाग के अधिकारियों, मंत्रियों एवं सचिवों द्वारा भी KYP केंद्र संचालकों के कार्यों की सराहना की जाती रही है।

धरना दे रहे संचालकों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में केंद्रों में नामांकन बंद होने के कारण जहां एक ओर बड़ी संख्या में युवा कौशल प्रशिक्षण से वंचित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र संचालक आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। संचालकों के अनुसार, बिहार के करीब 50 हजार युवा बेरोजगारी की स्थिति में पहुंच गए हैं, जबकि 1700 केंद्र संचालकों को पिछले नौ महीनों से केंद्र बंद रहने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संचालकों ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र बंद रहने के बावजूद भवन का किराया, बिजली, स्टाफ सहित अन्य खर्च लगातार जारी हैं। वहीं, पिछले करीब नौ महीनों से उनके कार्य का पारिश्रमिक भी लंबित है। इससे कई संचालक कर्ज के बोझ में दब गए हैं और मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान केंद्र संचालकों ने सरकार से मांग की कि KYP केंद्रों में तत्काल नए नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश जारी किया जाए, लंबित भुगतान किया जाए और केंद्र संचालकों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
संचालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी।
केंद्र संचालकों ने बिहार सरकार से अपील करते हुए कहा कि KYP जैसे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ बिहार के गरीब और जरूरतमंद युवाओं तक लगातार पहुंचना चाहिए। उनका कहना है कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने में इस कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और सरकार को केंद्रों में प्रशिक्षण एवं नामांकन की प्रक्रिया जल्द बहाल करनी चाहिए।
धरना स्थल पर पहुंचे संचालकों ने कहा कि वे सरकार से टकराव नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों के समाधान की उम्मीद लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब सभी की नजर सरकार और संबंधित विभाग के अगले निर्णय पर टिकी है।
















