


भागलपुर। भागलपुर संसदीय क्षेत्र में आयुष अस्पतालों, औषधालयों एवं पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को लेकर लोकसभा में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया। भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 5607 (उत्तर तिथि 27 मार्च 2026) के माध्यम से आयुष सुविधाओं की स्थिति, चिकित्सकों की उपलब्धता तथा औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

आयुष मंत्रालय की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि आयुष अस्पताल एवं औषधालयों की स्थापना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) योजना के तहत 50, 30 एवं 10 बेड वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों तथा आयुष औषधालयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। राज्य सरकार वार्षिक कार्य योजना के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष उपचार पैकेज शामिल नहीं हैं। वहीं आयुष चिकित्सकों एवं पराचिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताई गई है। इसके बावजूद राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष अस्पतालों के उन्नयन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) तथा आयुष जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए मानव संसाधन सहायता प्रदान की जा रही है।

औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के संबंध में मंत्रालय ने जानकारी दी कि बिहार में किसानों को गुणवत्ता युक्त रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है तथा आधुनिक कृषि पद्धतियों और फसल प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम जादवपुर विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि आयुष सेवाओं का विस्तार क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों के लिए आय के नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से भागलपुर में आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की उम्मीद जताई।













