


सत्संग, सदाचार और सेवा से ही जनकल्याण संभव: साध्वी अर्चना दीदी
भागलपुर : खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड अंतर्गत महेशखुंट के शिरनियाँ टोला, पकरैल स्थित महर्षि मेंही आश्रम में गुरुवार को संत सदगुरु महर्षि मेंही परमहंस जी की 142वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुबह 6 बजे आश्रम के आचार्य प्रमोद बाबा के नेतृत्व में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई।
शोभा यात्रा में बूढ़े, बच्चे, युवा, महिला-पुरुष सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। गुरु महाराज के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यात्रा शिरनियाँ टोला स्थित आश्रम से निकलकर पटेल नगर, चंद्रवंशी टोला, घनश्याम नगर, जगदेव मुनि टोला, बदिया, गांधी चौक पकरैल, उदयपुर, बिंदटोली, विद्यार्थी टोला एवं शादीपुर होते हुए पुनः आश्रम पहुंचकर संपन्न हुई। बैनर-झंडे, गाजे-बाजे और सजी-धजी वाहनों के साथ निकली इस भव्य झांकी ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

सत्संग कार्यक्रम में मधेपुरा की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी अर्चना दीदी ने प्रवचन देते हुए कहा कि सत्संग, सदाचार और मानव सेवा ही सच्चे अर्थों में जनकल्याण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जीवन में पापों से बचते हुए गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए और सत्संग, ध्यान, सदाचार तथा शिष्टाचार को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा ज्ञान गुरु के मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं है।
सत्संग समिति के संचालक राजेश कुमार सिंह ने महर्षि मेंही परमहंस जी के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस दौरान काजल, सोनम, गुरुमति एवं ममता ने सामूहिक रूप से भक्ति भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
श्रद्धालुओं ने संत सदगुरु के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में प्रहलाद साह, अध्यक्ष नारायण कुमार सुमन, कोषाध्यक्ष गोपाल पटेल, सचिव सत्यनारायण यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में महाभंडारा का आयोजन कर हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस आयोजन में अमोद शर्मा, पोपल यादव, सागर यादव सहित कई लोगों ने सहयोग प्रदान किया। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली।
















